
रांची: झारखंड के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने घरेलू और कमर्शियल दोनों श्रेणी की बिजली दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
शहरी और ग्रामीण दरों में बढ़ोतरी
आयोग के निर्णय के अनुसार, शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 55 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें ₹6.85 की जगह ₹7.40 प्रति यूनिट भुगतान करना होगा।
वहीं, ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी के साथ दर ₹6.70 से बढ़कर ₹7.20 प्रति यूनिट हो गई है।
JBVNL के प्रस्ताव से कम बढ़ोतरी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बिजली दरों में 59% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सुनवाई के बाद आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केवल 6.12% वृद्धि को मंजूरी दी।
कमर्शियल उपभोक्ताओं पर भी असर
कमर्शियल बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी दरों में इजाफा किया गया है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में 5 किलोवाट से अधिक कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को अब ₹6.20 की जगह ₹6.70 प्रति यूनिट देना होगा।
- शहरी क्षेत्रों में ऐसे उपभोक्ताओं के लिए दर ₹6.70 से बढ़कर ₹7.30 प्रति यूनिट कर दी गई है।
इसके अलावा, शहरी कमर्शियल प्रतिष्ठानों—जैसे मॉल, दुकानें और अस्पताल—के लिए नया टैरिफ तय करते हुए दर ₹8 प्रति यूनिट निर्धारित की गई है।
नई बिजली दरों के प्रमुख बिंदु
- कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में कोई बढ़ोतरी नहीं
- ग्रीन एनर्जी टैरिफ के लिए ₹0.95 प्रति यूनिट की मंजूरी
- 5 दिनों के भीतर बिल भुगतान करने पर 2% की छूट
- रूफटॉप सोलर को बढ़ावा:
- ग्रॉस मीटरिंग: ₹4.16 प्रति यूनिट
- नेट मीटरिंग: ₹3.80 प्रति यूनिट
- किसी भी उपभोक्ता से मीटर रेंट नहीं लिया जाएगा
- प्रीपेड मीटर अपनाने पर 3% की छूट
- प्रीपेड मीटर लगने के 1 महीने के भीतर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस
डिस्ट्रिब्यूशन लॉस और ARR पर फैसला
नियामक आयोग ने JBVNL के वित्तीय दावों में कटौती करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹10,832.70 करोड़ के ARR को मंजूरी दी है। साथ ही, कंपनी के लिए 13% डिस्ट्रीब्यूशन लॉस को स्वीकृति दी गई है। नई दरों से राज्य के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ेगा, हालांकि आयोग ने प्रस्तावित 59% वृद्धि के मुकाबले सीमित बढ़ोतरी कर राहत देने की कोशिश की है।





