About me

News Box Bharat
Welcome to News Box Bharat, your one-stop destination for comprehensive news coverage and insightful analysis. With a commitment to delivering reliable information and promoting responsible journalism, we strive to keep you informed about the latest happenings from across the nation and the world. In this rapidly evolving era, staying updated and making sense of the news is crucial, and we are here to simplify the process for you.

Recent Posts

+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Monday, April 6, 2026
JHARKHAND NEWS

रांची में प्राइवेट स्कूलों पर DC का बड़ा एक्शन! 3 साल की फीस का हिसाब मांगा

रांची में प्राइवेट स्कूलों की फीस वसूली पर सख्ती, जिला प्रशासन ने 3 साल की फीस का ब्योरा मांगा, अभिभावकों को राहत
रांची में अब नहीं चलेगी प्राइवेट स्कूलों की मनमानी!
Share the post

डेस्क। रांची में निजी स्कूलों की फीस वसूली और अन्य शुल्क को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को समाहरणालय स्थित NIC सभागार में जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में निजी विद्यालयों की फीस, किताब, यूनिफॉर्म और परिवहन शुल्क से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। जिला प्रशासन की यह पहल निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने और शिक्षा को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

3 वर्षों की फीस का पूरा ब्योरा मांगा गया

बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी निजी विद्यालयों को पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में ली गई कक्षावार फीस का पूरा विवरण समिति को देना होगा। साथ ही सत्र 2026-27 की फीस संरचना भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 10% तक फीस वृद्धि स्कूल अपने स्तर पर कर सकते हैं, लेकिन इससे अधिक बढ़ोतरी के लिए जिला समिति की अनुमति जरूरी होगी।

NCERT किताबों को लेकर उठे सवाल

उपायुक्त ने कहा कि NCERT की किताबें सस्ती होती हैं, फिर भी कई स्कूल अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य करते हैं। निर्देश दिया गया कि CBSE से संबद्ध स्कूल NCERT के अलावा अन्य किताबों को अनिवार्य नहीं बना सकते। किताबों में बदलाव भी कम से कम 5 वर्षों में एक बार ही किया जा सकेगा।

यूनिफॉर्म और दुकान की बाध्यता खत्म

बैठक में यह भी तय किया गया कि स्कूल किसी विशेष दुकान से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं कर सकते। अभिभावक खुले बाजार से यूनिफॉर्म खरीद या सिलवा सकते हैं। यूनिफॉर्म में बदलाव भी 5 साल से पहले नहीं किया जा सकेगा।

परिवहन और अन्य शुल्क पर भी नियंत्रण

परिवहन शुल्क समेत किसी भी प्रकार का शुल्क अब नियमों के दायरे में रहेगा।

स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है और किसी भी शुल्क वृद्धि को निर्धारित नियमों के तहत ही लागू करना होगा।

PTA और फीस कमेटी बनाना अनिवार्य

हर निजी स्कूल को अपने स्तर पर फीस कमेटी और अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) बनाना अनिवार्य किया गया है। इसकी जानकारी स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करनी होगी।

नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर ₹50,000 से ₹2.5 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। गंभीर मामलों में RTE मान्यता भी वापस ली जा सकती है।

अभिभावक यहां कर सकते हैं शिकायत

अभिभावक अपनी शिकायत समाहरणालय के कमरा संख्या 105 में जमा कर सकते हैं। इसके अलावा 9430328080 (अबुआ व्हाट्सएप नंबर) पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत निवारण के लिए क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी जुही रानी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है।

पब्लिक पर असर

इस फैसले से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है। फीस, किताब और यूनिफॉर्म के नाम पर हो रही मनमानी पर रोक लगेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Leave a Response