
रांची। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रांची जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 मार्च 2026 को अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दर्ज की है। यह मामला पीएमएलए (PMLA), 2002 की धारा 45 और 44 के तहत विशेष अदालत, रांची में दाखिल किया गया है। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों की करीब 9.46 लाख रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच कर दी है। यह कार्रवाई पीएमएलए (PMLA), 2002 की धारा 5 के तहत की गई है। फिलहाल, ईडी इस मामले में आगे की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
इन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में सीसीएल (Central Coalfields Limited) के असिस्टेंट सिक्योरिटी सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार सिंह, उनकी पत्नी पूनम देवी, छोटे भाई गोपाल कुमार और एक निजी कोयला परिवहनकर्ता राहुल कुमार को आरोपी बनाया गया है।
CBI FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच सीबीआई (ACB), रांची द्वारा दर्ज एफआईआर और 9 दिसंबर 2025 को दाखिल चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि सभी आरोपियों ने आपराधिक साजिश, रिश्वतखोरी और पद के दुरुपयोग जैसे अपराध किए हैं।
पद का दुरुपयोग कर ली रिश्वत
जांच में सामने आया है कि संजीव कुमार सिंह, जो कि भुरकुंडा ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में पदस्थापित थे और बरका सयाल क्षेत्र के सुरक्षा प्रभारी रह चुके हैं, उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर कोयला परिवहन से जुड़े निजी व्यक्तियों से अवैध रूप से पैसे वसूले।
पत्नी के खाते में जमा हुए लाखों रुपये
ईडी के अनुसार, संजीव कुमार सिंह ने कोयला परिवहनकर्ता राहुल कुमार से करीब 5.5 लाख रुपये की अवैध राशि अपनी पत्नी पूनम देवी के बैंक खाते में जमा करवाई। यह राशि कथित तौर पर परिवहन में पक्षपातपूर्ण सहयोग देने के बदले ली गई थी।
संदिग्ध लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग
जांच में यह भी सामने आया कि पूनम देवी के खाते में करीब 4.46 लाख रुपये की संदिग्ध जमा राशि मिली, जिसका कोई संतोषजनक स्रोत नहीं बताया जा सका। इसके बाद करीब 4 लाख रुपये गोपाल कुमार के खाते में ट्रांसफर किए गए, जिसे बाद में नकद निकासी, अन्य लोगों को ट्रांसफर और वाहन लोन EMI चुकाने में इस्तेमाल किया गया।
अपराध की रकम को वैध दिखाने की कोशिश
ईडी के मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया के जरिए अवैध कमाई (Proceeds of Crime) को वैध वित्तीय लेनदेन के रूप में दिखाने की कोशिश की गई, जो मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आता है।
बैंक खातों में जमा राशि अटैच
ईडी द्वारा अटैच की गई संपत्ति आरोपियों के व्यक्तिगत बैंक खातों में जमा रकम है, जिसे अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) के बराबर माना गया है।
- SBI बैंक खाते में संजीव कुमार सिंह के नाम पर करीब 58 हजार रुपये
- SBI खाते में गोपाल कुमार के नाम पर लगभग 8.88 लाख रुपये
जांच के दौरान सामने आई संपत्ति
ईडी के अनुसार, यह राशि मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी कमाई का हिस्सा है, जिसे जांच के दौरान चिन्हित किया गया और उसी के आधार पर अटैचमेंट की कार्रवाई की गई। फिलहाल यह मामला रांची की विशेष अदालत (Special Court) में विचाराधीन है।







