
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद HEC (हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) की एक्वायर्ड जमीन पर हुई अवैध खरीद-बिक्री के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार देर रात नगड़ी थाना में इस मामले को लेकर FIR दर्ज कर ली गई है। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच अब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दी गई है।
HEC द्वारा अधिग्रहित जमीन पर ही धुर्वा डैम का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि धुर्वा डैम के आसपास की कई जमीनों की गलत तरीके से रजिस्ट्री कराई गई और बाद में उन पर मकान तक बना दिए गए। अब इन सभी सौदों की गहन जांच की जाएगी।
रजिस्ट्री से लेकर म्यूटेशन तक की होगी जांच
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक ACB की जांच में यह देखा जाएगा कि
- जमीन की रजिस्ट्री कैसे हुई,
- रेवेन्यू रिकॉर्ड में छेड़छाड़ तो नहीं की गई,
- म्यूटेशन और डीड से जुड़े दस्तावेजों में किसी तरह की हेराफेरी हुई या नहीं।
जांच के बाद यह साफ हो सकेगा कि HEC की कितनी एक्वायर्ड जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री की गई।
धुर्वा डैम के आसपास बने मकानों पर गिर सकती है गाज
ACB की जांच के दायरे में धुर्वा डैम के आसपास बने कई मकान भी आएंगे। माना जा रहा है कि जांच में दोषी पाए जाने पर इन मकानों पर प्रशासनिक कार्रवाई तय है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में शामिल रहे अधिकारियों और कर्मियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
अंचल कार्यालयों में हड़कंप
हाईकोर्ट के आदेश और FIR के बाद खासकर अंचल कार्यालयों में हड़कंप मच गया है। धुर्वा, नामकुम और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री किए जाने के आरोप पहले से लगते रहे हैं, जिनकी अब परत-दर-परत जांच होगी।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी निष्पक्ष तरीके से होगी और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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