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Friday, January 30, 2026
CrimeIndiaNews

सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk)) ने अरब स्प्रिंग पर टिप्पणी करने से किया इनकार

सोनम वांगचुक को NSA के तहत हिरासत में लिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक ने अरब स्प्रिंग पर टिप्पणी से इनकार किया। लद्दाख को राज्य का दर्जा न देने पर उनका शांतिपूर्ण विरोध।
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लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया कि उन्होंने अरब स्प्रिंग जैसी किसी भी टिप्पणी या सरकार को हटाने वाले बयान का समर्थन नहीं किया है। वांगचुक ने अदालत में जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक अधिकार के तहत वे सरकार की आलोचना और शांतिपूर्ण विरोध कर सकते हैं।

59 साल के वांगचुक वर्तमान में राजस्थान के जोधपुर सेंट्रल जेल में हिरासत में हैं।

वकील ने वीडियो के आधार पर किया सफाई

सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि पुलिस ने वांगचुक को हिरासत में लेने के लिए एक वीडियो का सहारा लिया था, जिसे उन्होंने गलत तरीके से पेश किया।

सिब्बल ने कहा:

“पुलिस के अनुसार, वांगचुक ने कहा था कि अगर भारत सरकार लद्दाख को राज्य का दर्जा नहीं देती, तो वे अरब स्प्रिंग जैसी स्थिति पैदा करेंगे। लेकिन ऐसा उन्होंने कभी नहीं कहा। वीडियो का ट्रांसक्रिप्शन पूरा पढ़ने पर असली मंशा सामने आती है।”

सिब्बल ने यह भी कहा कि वांगचुक पर हिंदू देवताओं का अपमान करने का आरोप भी गलत है और इसे आईटी सेल ने गलत तरीके से प्रस्तुत किया।

लद्दाख और केंद्र सरकार पर बयान

सिब्बल ने अदालत को बताया कि वांगचुक का बयान मुख्य रूप से लद्दाख को कश्मीर से अलग करने के बाद केंद्र सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारियों पर केंद्रित था। उन्होंने कहा:

“जैसे राम ने सीता को रावण के चंगुल से बचाया था और फिर उन्हें त्याग दिया था, वैसे ही केंद्र सरकार लद्दाख के प्रति अपने वादों को पूरा करने में विफल रही।”

सिब्बल ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी बयान को हिंसक गतिविधि या युद्ध से जोड़कर पेश करना गलत है।

चिकित्सा जांच का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की पेट और स्वास्थ्य समस्याओं के मद्देनजर विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा मेडिकल जांच कराने का निर्देश दिया। अदालत ने जेल अधिकारियों को सोमवार तक सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

राजस्थान सरकार के वकील ने बताया कि वांगचुक की 21 बार मेडिकल जांच हो चुकी है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट जैसी विशेषज्ञ जांच की आवश्यकता जताई।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कहा कि हालिया रिपोर्ट में ब्लड प्रेशर, छाती और पेट की जांच नॉर्मल पाई गई है।

Sonam Wangchuk की हिरासत का कारण

सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची देने की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई और 90 लोग घायल हुए।

सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था, जबकि उनके वकील ने इसे खारिज किया।

अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी 2026 तय की है।

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