मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप से नाइजर में अपहृत झारखंड के 5 श्रमिक सुरक्षित रिहा

अपहरण मामला: झारखंड के 5 प्रवासी श्रमिक आज़ाद, अब घर वापसी की तैयारी,
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के हस्तक्षेप से झारखंड के पांच प्रवासी श्रमिकों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। ये सभी श्रमिक नाइजर (दक्षिण अफ्रीका) में कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी में काम कर रहे थे और उनका अपहरण हो गया था। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने सभी श्रमिकों से फोन पर बात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली है। सभी श्रमिक सुरक्षित हैं। मेडिकल जांच और जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें हवाई जहाज से झारखंड लाया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
अप्रैल 2025 में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के दोन्दलो और मुंडरो गांव के पांच श्रमिक नाइजर में काम कर रहे थे। इसी दौरान उनका अपहरण कर लिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इसे गंभीरता से लिया और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। नियंत्रण कक्ष ने कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर पूरी जानकारी जुटाई।
मिलिट्री ऑपरेशन से जुड़ा था मामला
कंपनी से मिली जानकारी के अनुसार, ये सभी श्रमिक कंपनी साइट से करीब 25–30 किलोमीटर दूर तेलाबारी इलाके में काम कर रहे थे। यह घटना एक बड़े मिलिट्री ऑपरेशन से जुड़ी थी, जिसमें 26 स्थानीय नागरिकों और 12 अलग-अलग देशों के श्रमिकों को बंधक बनाया गया था। इस पूरे मामले में कंपनी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन, भारतीय राजदूत और भारतीय दूतावास मिलकर लगातार समन्वय कर रहे थे। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (नाइजर), विदेश मंत्रालय और प्रोटेक्ट ऑफ इमिग्रेंट्स, रांची को भी तुरंत सूचना दी थी।
हथियारबंद लोगों ने किया था अपहरण
25 अप्रैल 2025 को कुछ हथियारबंद लोगों ने KPTC प्रोजेक्ट, नाइजर में काम कर रहे इन श्रमिकों का अपहरण कर लिया था। इसके बाद लंबे समय तक उनकी कोई खबर नहीं मिल पा रही थी, जिससे उनके परिवार काफी चिंतित थे।
श्रमिकों के परिवारों को मिला सरकारी सहारा
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गिरिडीह जिला प्रशासन ने श्रमिकों के परिवारों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ दिया। इनमें शामिल हैं…
- लेबर कार्ड
- आयुष्मान कार्ड
- राशन कार्ड
- उज्ज्वला योजना
- आवास योजना
- मनरेगा जॉब कार्ड
- पेंशन योजना
- नल-जल योजना
- ई-श्रम पंजीकरण
- पशुपालन योजना
- बिरसा हरित ग्राम योजना
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय
- मईया सम्मान योजना सहित अन्य योजनाएं




