PESA Rules 2025 को लेकर झारखंड में सियासी घमासान, अर्जुन मुंडा ने सरकार पर लगाए आरोप।
झारखंड में PESA Rules 2025 को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता अर्जुन मुंडा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि नए नियमों के जरिए आदिवासी स्वशासन की शक्तियों को कमजोर किया जा रहा है।
अर्जुन मुंडा का कहना है कि PESA कानून का मूल उद्देश्य ग्राम सभा को सशक्त बनाना था, लेकिन नए नियमों में ग्राम सभाओं के अधिकार सीमित किए गए हैं।
अर्जुन मुंडा के मुख्य आरोप
- PESA की मूल भावना से छेड़छाड़
- ग्राम सभा की निर्णय लेने की शक्ति घटी
- आदिवासी क्षेत्रों में स्वशासन कमजोर होने का खतरा
- केंद्र के कानून के अनुरूप नियम नहीं बनाए गए
सरकार पर उठे सवाल
भाजपा नेता ने कहा कि PESA कानून आदिवासी समाज के अधिकारों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन राज्य सरकार के नियम उससे उलट हैं। उन्होंने सरकार से नियमों की समीक्षा करने की मांग की है।
आदिवासी संगठनों में भी नाराजगी
PESA नियमों को लेकर कई आदिवासी संगठनों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर ग्राम सभा को पर्याप्त अधिकार नहीं मिले, तो इससे स्थानीय संसाधनों और परंपरागत अधिकारों पर असर पड़ेगा।
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