ईरान का इजराइल पर बड़ा मिसाइल हमला | बेत शेमेश में 9 की मौत | तीन US सैनिक भी मारे गए

ईरान ने इजराइल के सेंट्रल शहर बेत शेमेश पर मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई। यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे जाने के एक दिन बाद हुआ। इजराइल की इमरजेंसी सेवा मैगन डेविड एडोम (MDA) ने रविवार को बताया कि इस हमले में नौ लोगों की जान गई और 28 लोग घायल हुए हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। अल जजीरा के अनुसार इजराइली सेना ने कहा कि राहत और बचाव टीमें मौके पर काम कर रही हैं। एक हेलीकॉप्टर की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। सेना यह भी जांच कर रही है कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल से कितना नुकसान हुआ। शनिवार से शुरू हुए हमलों के बाद यह सबसे ज्यादा मौतों वाला हमला है। अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, इसलिए मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। लोगों में डर और चिंता का माहौल है। यह भी सवाल उठ रहा है कि बेत शेमेश में समय पर सायरन क्यों नहीं बजे।
मारे गए US सैनिक कुवैत में थे
वहीं, US सेंट्रल कमांड का कहना है कि कुवैत में एक मिलिट्री बेस पर ईरानी हमलों के बाद तीन US सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हैं। इजराइली शहर बेत शेमेश पर ईरानी मिसाइल हमले में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं। US ब्रॉडकास्टर NBC की रिपोर्ट है कि ईरान के खिलाफ ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के मिलिट्री कैंपेन में अब तक मारे गए तीन US सैनिक कुवैत में थे। कुवैत उन खाड़ी देशों में से एक है जहां US के बेस हैं और शनिवार को US और इजराइल के ईरान के खिलाफ बमबारी कैंपेन शुरू करने के बाद से उन पर ईरानी मिसाइलों से हमला हुआ है।
ईरान में 40 दिन के शोक की घोषणा
शनिवार को इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर कई हमले किए थे, जिनमें खामेनेई और कुछ अन्य बड़े ईरानी अधिकारी मारे गए। इसके बाद ईरान में 40 दिन के शोक की घोषणा की गई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि खामेनेई की हत्या से हालात और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने कहा, अपने बचाव के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने टीवी पर कहा कि खामेनेई की मौत के बाद भी देश उनके रास्ते पर चलेगा और दुश्मन अपने मकसद में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने कहा, अगर उनका इरादा हमारी सरकार बदलने का है, तो यह नामुमकिन है। हमारे पास मजबूत व्यवस्था और मजबूत संविधान है।





