
झारखंड के चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में देर रात जंगली हाथियों के हमले में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना रात करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई, जब पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया और एक घर पर हमला कर दिया। मृतकों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। हाथियों के अनाज की तलाश में गांव में प्रवेश करने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और शोक का माहौल है।
देर रात घर पर बोला हमला
बताया जा रहा है कि पूरा परिवार घर में सो रहा था, तभी हाथियों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। हमले में घर के अंदर सो रहे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य दो लोगों की भी जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
मुख्य बातें
- पांच हाथियों के झुंड ने देर रात गांव में प्रवेश किया
- एक ही परिवार के चार सदस्यों समेत छह लोगों की मौत
- घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल
- वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की
- प्रभावित परिवारों को सरकारी प्रावधान के तहत मदद
प्रशासन और वन विभाग का बयान
सदर एसडीओ आदित्य पांडे ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना से पहले वन विभाग द्वारा गांव में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया गया था। फिलहाल विभाग के अधिकारी गांव में मौजूद हैं और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं।
वन विभाग के रेंज ऑफिसर विजय कुमार ने बताया कि पांच हाथियों में एक हाथी अत्यधिक आक्रामक है, जो इंसानों पर हमला कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ‘हाथी एप’ डाउनलोड करने और जंगल की ओर न जाने की सलाह दी है।
स्थानीय विधायक ने जताई चिंता
घटना के बाद स्थानीय विधायक तिवारी महतो उर्फ निर्मल महतो घटनास्थल पहुंचे और कहा कि क्षेत्र में पहले भी हाथियों का आतंक रहा है। उन्होंने विभाग की तैयारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और उचित मुआवजे की मांग की।
ग्रामीणों ने सुनाई आपबीती
हाथियों के हमले से बचकर निकले एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि हाथी अनाज की तलाश में गांव में घुसे थे। अचानक हुए हमले से लोग संभल नहीं पाए और जान बचाकर भागना पड़ा। इस इलाके में पहले भी हाथियों के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं। मानव और वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।





