
झारखंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। विश्व आर्थिक मंच में राज्य की उपस्थिति शासन-आधारित विकास, स्थिरता और दीर्घकालिक संस्थागत क्षमता पर केंद्रित रहेगी।
रांची। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक में इस वर्ष भारत की ओर से दस राज्य हिस्सा लेंगे। यह बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित होगी। खास बात यह है कि झारखंड पहली बार इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच का हिस्सा बनने जा रहा है। बैठक में केंद्रीय मंत्रियों सहित एक उच्चस्तरीय राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। डब्ल्यूईएफ की इस वार्षिक बैठक में झारखंड के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश और केरल भाग लेंगे। कई राज्यों की ओर से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करेंगे। यह भागीदारी वैश्विक आर्थिक और नीतिगत संवादों में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। सभी राज्य मिलकर भारत की आर्थिक प्राथमिकताओं, शासन सुधारों और विकास संबंधी महत्वाकांक्षाओं की व्यापक तस्वीर दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री सोरेन करेंगे
झारखंड की यह यात्रा राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है, जो इसकी वैश्विक भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। झारखंड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन करेंगे। विश्व आर्थिक मंच में राज्य की उपस्थिति शासन-आधारित विकास, स्थिरता और दीर्घकालिक संस्थागत क्षमता पर केंद्रित रहेगी। यह झारखंड की उन वास्तविकताओं को दर्शाती है, जो वनों, खनिज संसाधनों, श्रम प्रवासन और समृद्ध मानवीय पूंजी से जुड़ी हैं। डब्ल्यूईएफ में झारखंड की भागीदारी केवल वैश्विक चर्चाओं का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सक्रिय रूप से आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन के साथ विकास, स्थिरता और संस्थागत लचीलापन जैसे मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण को मजबूती से प्रस्तुत करेगा। यह भागीदारी राष्ट्रीय और वैश्विक नीतिगत मंचों पर झारखंड की उभरती भूमिका को रेखांकित करती है।
मॉडल को स्पष्ट करने वाली चर्चाओं की मेजबानी भी करेगा
दावोस में झारखंड का मुख्य विषय “प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास” रहेगा, जो आर्थिक विकास को सामाजिक समानता और पर्यावरणीय संतुलन के साथ जोड़ने की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सम्मेलन में झारखंड की भागीदारी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वन एवं जैव-अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर केंद्रित होगी। इसके अलावा राज्य क्रिटिकल मिनरल्स, नवीकरणीय ऊर्जा, विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विषयगत सत्रों और द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लेगा। झारखंड अपने दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण और सतत एवं न्यायसंगत विकास के मॉडल को स्पष्ट करने वाली चर्चाओं की मेजबानी भी करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य बहुपक्षीय संस्थानों, विभिन्न सरकारों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के हितधारकों के साथ साझेदारी को और मजबूत करना है।





