निशिकांत दुबे को दोबारा सांसद नहीं बनने देंगे: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा हमला

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन रांची में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला। अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेता जनविरोधी मानसिकता रखते हैं। उन्होंने सदन के भीतर और बाहर भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए घोषणा की कि आगामी चुनावों में वे निशिकांत दुबे को दोबारा जीतने नहीं देंगे , क्योंकि उनके बयान और व्यवहार राज्य के हित में नहीं हैं।
भाजपा अंग्रेजों की मानसिकता वाली पार्टी, झारखंड में बाहरी नेताओं का बोलबाला
सदन की कार्यवाही के पहले हिस्से के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए डॉ. इरफान अंसारी काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने न केवल गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे को निशाने पर लिया, बल्कि झारखंड भाजपा के सांगठनिक ढांचे पर भी सवाल खड़े किए। अंसारी ने कहा कि भाजपा के विधायक सदन की मर्यादा का उल्लंघन कर रहे हैं और जनता के पैसों की बर्बादी कर रहे हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ जो अपमानजनक टिप्पणियां की हैं, उनका जवाब झारखंड की जनता चुनाव में देगी।
- सांसद को चुनौती: निशिकांत दुबे को झारखंड से दोबारा लोकसभा नहीं पहुंचने देने का संकल्प।
- सदन की मर्यादा: भाजपा विधायकों को नेता प्रतिपक्ष की बात मानने और सदन चलाने की सलाह।
- स्थानीयता का मुद्दा: भाजपा के 12 में से 9 विधायकों को ‘बाहरी’ बताते हुए राज्य की अस्मिता का मुद्दा उठाया।
- अंग्रेजों से तुलना: भाजपा की कार्यशैली को ब्रिटिश राज की फूट डालो और राज करो वाली नीति जैसा बताया।
“सदन जनता के पैसे से चलता है और यहाँ जनता की समस्याएं उठनी चाहिए। भाजपा के लोग हिंदुस्तानी लगते ही नहीं हैं; अंग्रेज चले गए लेकिन अपनी मानसिकता इनके रूप में छोड़ गए। हम निशिकांत दुबे को अब झारखंड से सांसद नहीं बनने देंगे।” — डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य मंत्री, झारखंड
इरफान अंसारी के इस बयान ने राज्य की राजनीति में ‘स्थानीय बनाम बाहरी’ की बहस को फिर से गरमा दिया है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा भाजपा के अधिकांश विधायकों को दूसरे राज्यों से संबंधित बताना आने वाले समय में चुनावी ध्रुवीकरण का कारण बन सकता है, जिससे आम जनता के बीच स्थानीय प्रतिनिधित्व की मांग और तेज हो सकती है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ कुछ टिप्पणियां की थीं। इसके साथ ही, झारखंड विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है जहाँ सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच पहले दिन से ही तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।
मंत्री के इस बयान से साफ है कि आने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ‘बाहरी’ का मुद्दा महागठबंधन का प्रमुख हथियार होगा। निशिकांत दुबे और इरफान अंसारी के बीच की यह व्यक्तिगत और राजनीतिक जंग झारखंड की राजनीति को और अधिक आक्रामक मोड़ पर ले जा सकती है। कुल मिलाकर, डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा को घेरने के लिए राष्ट्रवाद, स्थानीयता और संसदीय मर्यादा तीनों मोर्चों पर हमला किया है। अब देखना यह होगा कि भाजपा इन गंभीर आरोपों और निशिकांत दुबे को रोकने की इस खुली चुनौती का क्या जवाब देती है।





