गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों का ऐलान, शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण

केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर वर्ष 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस वर्ष झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा की गई है।
शिबू सोरेन का निधन 4 अगस्त 2025 को 81 वर्ष की आयु में हुआ था। उन्हें यह सम्मान पब्लिक अफेयर्स (सार्वजनिक कार्य) के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। वे जीवनभर आदिवासी अधिकारों, भूमि सुधार, सामाजिक न्याय और झारखंड राज्य आंदोलन के लिए संघर्षरत रहे।
झारखंड आंदोलन के प्रमुख चेहरे थे शिबू सोरेन
शिबू सोरेन ने झारखंड को अलग राज्य का दर्जा दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने आदिवासी समाज की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया और उनके हक-अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया। वे कई बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और उनकी राजनीति की पहचान जनआंदोलन, सादगी और जमीनी जुड़ाव रही।
कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा
केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कार घोषित किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं—
- 5 पद्म विभूषण
- 13 पद्म भूषण (जिसमें शिबू सोरेन का नाम शामिल)
- 113 पद्म श्री
अन्य प्रमुख सम्मानित हस्तियां
- पद्म विभूषण: अभिनेता धर्मेंद्र (कला), पूर्व केरल मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन (मरणोपरांत)
- पद्म भूषण: गायिका अलका याग्निक, अभिनेता मम्मूटी, बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज उदय कोटक
- पद्म श्री: क्रिकेटर रोहित शर्मा (खेल) सहित अन्य
झारखंड में खुशी की लहर
शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने की घोषणा के बाद झारखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। आदिवासी समाज और राजनीतिक गलियारों में इसे उनके दशकों लंबे संघर्ष और योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और उनके समर्थकों ने इसे ‘दिशोम गुरु’ की विरासत के लिए एक न्यायपूर्ण और ऐतिहासिक सम्मान बताया है।
पद्म पुरस्कारों का औपचारिक वितरण समारोह 26 जनवरी 2026 को या उसके आसपास राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा।
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