
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत शुक्रवार, 23 जनवरी 2026 को अपने दो दिवसीय प्रवास पर झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य संघ संगठन को मजबूत करना और जनजातीय समाज के साथ सीधा संवाद स्थापित करना बताया जा रहा है।
मोहन भागवत का यह दौरा झारखंड के सामाजिक और संगठनात्मक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, खासकर आदिवासी समाज के संदर्भ में।
शनिवार को होगा ‘जनजातीय संवाद’ कार्यक्रम
मोहन भागवत के रांची प्रवास का सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम शनिवार को आयोजित होने वाला ‘जनजातीय संवाद (Janjatiya Sanwad)’ है।
- प्रतिभागी:
इस बंद कमरे में होने वाली बैठक में लगभग 500 जनजातीय प्रतिनिधि और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे। - समय:
यह संवाद कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक, करीब 5 घंटे चलने की संभावना है। - उद्देश्य:
कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समस्याओं को समझना, उनके सुझावों को सुनना और भारतीय संस्कृति व राष्ट्र निर्माण में जनजातीय समुदाय के योगदान पर चर्चा करना है।
पहले दिन हुई संगठनात्मक बैठक
अपने दौरे के पहले दिन, शुक्रवार शाम को मोहन भागवत ने संघ के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक बैठक की।
इस बैठक में:
- संघ के आगामी शताब्दी वर्ष (100 वर्ष) के कार्यक्रम
- संगठन की कार्यशैली
- आंतरिक संगठनात्मक मुद्दों
पर विस्तार से चर्चा की गई।
रांची के बाद पटना और मुजफ्फरपुर का दौरा
रांची का कार्यक्रम पूरा करने के बाद मोहन भागवत शनिवार शाम को पटना (बिहार) के लिए रवाना होंगे।
इसके बाद 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को उनके मुजफ्फरपुर में संघ के कार्यक्रम में शामिल होने की भी योजना है।
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