+91 6205-216-893 info@newsboxbharat.com
Friday, August 29, 2025
Latest Hindi News

हूल दिवस पर भोगनाडीह में आंसू गैस और पथराव | तीन पुलिसकर्मी घायल

Jharkhand districts news | jharkhand latest news | jharkhand latest hindi news | jharkhand news box bharat
Share the post

साहेबगंज-भोगनाडीह (झारखंड)। सिदो-कान्हू की जन्मस्थली भोगनाडीह में सोमवार (30 जून) को हूल दिवस के मौके पर ग्रामीणों और पुलिस के बीच भारी तनाव पैदा हो गया। विवाद की जड़ पारंपरिक पूजा को लेकर प्रशासन द्वारा लगाई गई पाबंदियां थीं, जिसके बाद हुई झड़पों में पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और ग्रामीणों ने पथराव किया। कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

विवाद की वजह क्या है

हर वर्ष 30 जून को हूल क्रांति (1855) के नायक सिदो-कान्हू के सम्मान में भोगनाडीह में राजकीय कार्यक्रम आयोजित होता है। इस दौरान उनके वंशज मंडल मुर्मू परिवार द्वारा पारंपरिक पूजा की जाती है, जिसके बाद ही मुख्यमंत्री या अन्य अतिथि माल्यार्पण करते हैं। इस बार जिला प्रशासन ने वंशजों को लिखित अनुमति नहीं दी और मौखिक रूप से सुबह 10 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद ही पूजा की इजाजत दी। इस फैसले से परिवार तीन दिनों से आक्रोशित था।

घटनाक्रम कैसे बिगड़ा

  1. विरोध में वंशजों और समर्थकों ने सोमवार सुबह सिदो-कान्हू पार्क का ताला बंद कर दिया और पूजा पर रोक लगा दी।
  2. इससे पहले शनिवार को पुलिस ने कार्यक्रम के लिए पंडाल बनाने वाले 13 मजदूरों को हिरासत में ले लिया था। जवाब में आदिवासियों ने पारंपरिक हथियारों से प्रदर्शन किया और प्रशासन के पंडाल का काम रोक दिया।
  3. पुलिस ने अस्थायी पंडाल हटा दिया, जबकि वंशजों का आयोजन ‘सिदो-कान्हू हूल फाउंडेशन’ और ‘अतु मांझी बैसी’ के बैनर तले होना था।
  4. वार्ता के बाद हिरासती मजदूरों को छोड़ा गया और पूजा की मौखिक अनुमति मिली, लेकिन तब तक माहौल तनावपूर्ण हो चुका था।

हिंसा क्यों भड़की

जब पुलिस ने पार्क का ताला खुलवाने की कोशिश की, तो समर्थक अड़ गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने पथराव और तीर चलाए, जिससे 3-4 पुलिसकर्मी घायल हुए। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

प्रशासन के रुख के पीछे एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि वंशज मंडल मुर्मू का हाल ही में भाजपा में शामिल होना और उनके कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन तथा पूर्व विधायक लोबिन हेंब्रम को आमंत्रित करना था। प्रशासन सरकारी कार्यक्रम में किसी विवाद से बचना चाहता था।

वर्तमान स्थिति

पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और माहौल अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है। हूल दिवस पर होने वाला राजकीय समारोह भी विवादों के घेरे में आ गया है।


Leave a Response