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Monday, February 16, 2026
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अब 18 वर्ष से ही झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का मिलेगा लाभ

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अगले 5 वर्षों में 20 लाख आवास विहीन परिवारों का होगा अपना आशियाना

रांची। झारखंड मुख्यमंत्री सम्मान योजना के तहर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज यानी 4 सितंबर को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में कुल 70,49,27,000 रुपए की सम्मान राशि हस्तांतरित कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। ट्रेनिंग ग्राउंड, खोजाटोली, नामकोम में आयोजित झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सम्मान राशि वितरण कार्यक्रम के दाैरान सीएम हेमंत सोेरन ने कहा कि अब 21 से 50 वर्ष के उम्र की बेटी-बहनों को ही नहीं, बल्कि 18 वर्ष से ऊपर उम्र की बेटी-बहनों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। बहुत जल्द इस योजना में उम्र की संख्या 21 से घटाकर 18 की जाएगी। सीएम ने कहा कि आज राजधानी रांची में आयोजित इस कार्यक्रम में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले पांचो जिलों से उपस्थित हुई बहन-बेटियों के जन सैलाब ने इतिहास रच दिया है। आज आप सभी लोग यहां नारी सम्मान योजना को आशीर्वाद एवं सम्मान देने यहां पहुंचे हैं। इस आशीर्वाद तथा स्नेह से ही हमें आपके सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करने की ताकत और नई ऊर्जा मिल रही है।

कोरोना संक्रमण काल में दीदियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 में वर्तमान राज्य सरकार का गठन हुआ और सरकार गठन के बाद से अब तक लगातार हमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सरकार गठन के चंद दिनों बाद ही कोरोना संक्रमण ने देश और दुनिया को जकड़ कर रखा। इस वैश्विक महामारी के समय घरों में ताला लगाकर लोग अपने आप को घरों के भीतर रहने को मजबूर हुए। हाट-बाजार, नौकरी, रोजगार सब खत्म हो गए। सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाने वाला यह राज्य धीरे-धीरे मजदूरों के राज्य के रूप में तब्दील हो चुका था। कोरोना संक्रमण इस राज्य के लिए एक अभिशाप के बराबर था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय यहां न अस्पतालों की स्थिति ठीक थी और न ही डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या थी। लेकिन फिर भी आपके इस भाई ने इस बेटे ने आपके वैसे परिजन जो प्रवासी मजदूर थे उन्हें हवाई मार्ग, रेल मार्ग, सड़क मार्ग सहित विभिन्न माध्यमों से आपके घरों तक लाने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राज्य की महिलाओं ने सरकार के साथ खड़ा होने का निर्णय लिया। इस राज्य की दीदियों ने गांव-गांव पंचायत-पंचायत में खाना बनाकर हमारे श्रमिकों और गांव वालों को मुफ्त में खाना खिलाने का कार्य करती थीं।

सफल और प्रभावी रहा सर्वजन पेंशन योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने यहां के वृद्धजनों के परेशानियों को देखते हुए सर्वजन पेंशन योजना की शुरुआत की। पूर्व में कम ही पात्र वृद्धजनों को पेंशन प्राप्त होता था, क्योंकि अधिकतर लोग बिचौलियों के चक्कर में पड़े रहते थे। आपकी सरकार ने निर्णय लिया कि कोई भी 60 वर्ष से ज्यादा उम्र का होगा उसे हम हरहाल में पेंशन राशि देंगे। आज सर्वजन पेंशन के तहत सभी बुजुर्ग को पेंशन से जोड़ा गया और सभी को पेंशन प्राप्त हो रहा है। सर्वजन पेंशन योजना लागू करने वाला झारखंड देश का पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सर्वजन पेंशन योजना के तहत उम्र सीमा भी घटाई गई। पेंशन की उम्र महिलाओं के लिए 60 वर्ष से घटा कर 50 वर्ष किया गया।

बच्चियों का भविष्य संवार रही राज्य सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चियों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर उनके साथ खड़ी है। स्कूलों में अध्यनरत बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले समृद्धि योजना का संचालन किया गया। इस योजना के तहत अब तक लगभग 10 लाख स्कूली छात्राओं को राज्य सरकार आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों से अपील किया कि अब आप अपने बच्चों की पढ़ाई की चिंता बिल्कुल न करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए 15 लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए आपको किसी तरह की गारंटी देने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में कोयला, लोहा, अभ्रक सहित तमाम खनिज संपदा उपलब्ध है, बावजूद उसके राज्य का खजाना खाली दिख रहा था। जब इस विषय पर चिंतन किया गया तब पता चला कि खनन कार्य का केंद्र सरकार के ऊपर राज्य का 1 लाख 36 करोड़ रुपया बकाया है। कई बार राज्य सरकार द्वारा बकाया राशि के भुगतान हेतु केंद्र सरकार से निवेदन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि खनन कंपनियों से राज्य सरकार बकाया राशि की वसूली कर सकती है। जैसे ही यह आदेश आया तो हमने अपना कार्य को तेज किया।

राशन दिया, तन ढकने के लिए कपड़ा दिया अब आवास दे रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राज्य में आपकी अपनी सरकार है। सोना सोबरन योजना के तहत आपको वर्ष में दो बार वस्त्र देने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व की सरकार ने इस राज्य का 11 लाख राशन कार्ड डिलीट कर दिया था। आपकी अपनी सरकार ने 20 लाख लोगों के लिए राशन कार्ड बांटने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने राशन दिया, तन ढकने के लिए कपड़ा दिया अब आवास दे रहे हैं। पहले केंद्र सरकार से आवास मिलता था। हम लोग केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना में जो झारखंड के हिस्सा है उसकी मांग की ताकि राज्य के गरीबों के लिए आवास बनाया जा सके। लेकिन वह पैसा हमें नहीं मिला। राज्य सरकार ने अपने बदौलत सर्वे कराकर 20 लाख से अधिक गरीब परिवार को चिन्हित किया और इन सभी को आवास देने का संकल्प उठा लिया। जबकि केंद्र सरकार द्वारा मात्र 4 लाख 30 हजार गरीबों को चिन्हित किया गया था। अब आने वाले समय में चिन्हित सभी 20 लाख लोगों को तीन कमरों वाला पक्का मकान से आच्छादित किया जाएगा।

200 यूनिट बिजली फ्री कर दिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्यवासियों के लिए 200 यूनिट बिजली फ्री कर दिया है। गरीबों का बकाया बिजली बिल भी माफ कर दिया गया है, इससे संबंधित आदेश जल्द निर्गत कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार साल में 12 हजार रुपए देने के लिए “झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना” लेकर नही आयी है बल्कि आने वाले 5 साल में हम हर घर में 1 लाख रुपए की सहायता राशि पहुंचाएंगे। यह सहायता राशि कैसे आपके घरों तक पहुंचेगी वह मेरी जिम्मेदारी है। सरकार ने पिछले 4 वर्षों में हजारों की संख्या में सरकारी नियुक्तियां की है। विभिन्न विभागों में लगभग 45 से 50 हजार सरकारी नियुक्तियां की गई हैं वहीं, 45 हजार सरकारी नियुक्तियों का कार्य प्रगति पर है। निजी क्षेत्र में भी अब तक डेढ़ से 2 लाख लोगों को रोजगार से जोड़ा गया है।

70,49,27,000 रुपये की सम्मान राशि हस्तांतरित की गई

रांची जिले में कुल 33,54,95,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान किया गया। वहीं, खूंटी जिले में कुल 7,52,93,000 रुपये की सम्मान राशि, गुमला जिले में कुल 13,65,60,000 रुपये की सम्मान राशि, लोहरदगा जिले में कुल 8,07,81,000 रुपये की सम्मान राशि, सिमडेगा जिले में कुल 7,67,98,000 रुपये की सम्मान राशि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान की गई।

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