
रांची। झारखंड में टाटा समूह नया और आधुनिक निवेश करने जा रहा है। यह निवेश नई टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह का झारखंड से बहुत पुराना रिश्ता है। इस समूह ने अपने सफर की शुरुआत इसी राज्य से की थी। आज टाटा समूह की पहचान देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में है। यह समूह कई संस्थानों के जरिए झारखंड और देश के विकास में अहम योगदान देता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टाटा समूह का यह विकास सफर आगे भी मजबूती से जारी रहेगा।
राज्य में बन रहा है निवेश के लिए बेहतर माहौल
टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और दूरदर्शी सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब निवेश के लिए अच्छा माहौल तैयार हो रहा है। औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार का स्पष्ट रोडमैप निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में निवेश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे।
नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री पर होगा काम
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की सोच के अनुसार झारखंड में नॉलेज बेस्ड इंडस्ट्री स्थापित करने की योजना बनाई जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार और टाटा समूह की संयुक्त टीम बनाई जाएगी। टाटा समूह राज्य के विकास में हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तैयार है।
नई टेक्नोलॉजी पर बड़ा निवेश
टाटा समूह की कई कंपनियां झारखंड में पहले से काम कर रही हैं, जिनमें टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। अब इन कंपनियों में नई टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। टाटा स्टील में नई तकनीक से उत्पादन प्रक्रिया तेज होगी और प्रदूषण भी कम होगा। साथ ही, हाइड्रोजन आधारित उन्नत वाहन निर्माण संयंत्र की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
सीएसआर और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस
टाटा समूह झारखंड के विकास में अपनी भागीदारी और बढ़ाएगा। इसके तहत सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) का दायरा बढ़ाया जाएगा और बजट में भी बढ़ोतरी की जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। साथ ही, राज्य के युवाओं के कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। टाटा समूह राज्य सरकार के साथ मिलकर युवाओं को आज की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करेगा, ताकि उन्हें बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।





